Tuesday, 23 October 2018

सरकारी स्कूलों में 1 से 15 नामांकन पर 12500 रुपए, 16 से 100 नामांकन पर 25 हजार रुपए तो 251 से 1 हजार नामांकन पर हर साल मिलेंगे 1 लाख रुपए


अति आवश्यक सूचना:-

विद्यालय प्रोफाइल (प्रपत्र-1) व विद्यालयवार विद्यार्थी विस्तृत विवरण में कक्षावार नामांकन (प्रपत्र-3a) में प्रविष्ट अनिवार्यतः अपडेट करे। 
समस्त सीबीईओ/पीईईओ अधीनस्थ विद्यालय के नामांकन की प्रमाणित प्रति समन्धित संस्था प्रधान से प्राप्त कर शालादर्शन पर मिलान कर लेवे।
पॉर्टल व वास्तविक नामांकन में अंतर होने की स्थिति में निम्न अनुसार मिलान करे  ---
1.नामांकन कम प्रदर्शित होने के स्थिति में
(i) विद्यार्थी की नव प्रविष्टि करे।
(ii) यदि गलती से नाम पृथक हो गया है तो नाम पृथक करे मॉडुएल से पुनः जोड़े।
(iii) TC इशू कर दी गई है और विद्यार्थी ने पुनः प्रवेश लिया है तो नए SR से नव प्रविष्ट करे।
(iv) नव प्रवेशित मॉडुएल में पेंडिंग स्टूडेंट्स की सम्पूर्ण प्रविष्टि कर प्रवेश को कंफर्म करे।
2.नामांकन अधिक प्रदर्शित होने के स्थिति में --
(i)  विद्यालय से नाम पृथक कर दिया गया है तो पोर्टल से भी नाम पृथक करे मॉडुएल से नाम पृथक करे।
(ii) विद्यालय से TC जारी कर दी गई है तो पॉर्टल से भी TC जारी करे।
नोट - यदि किसी विद्यार्थी के नव प्रवेश के समय डुप्लीकेट SR की error आ रही है तो , उक्त sr की प्रविष्ट किस विद्यार्थी के की जा चुकी की पुष्टि आप tc जारी करे व नाम पृथक करे मॉडुएल में sr सर्च कर जांच सकते है।
राजेश शर्मा (prog &res. off.)
शालादर्शन प्रकोष्ठ, जयपुर।
रा प्रा शि प, जयपुर।

Friday, 19 October 2018

कर्मचारी महासंघ ने मांगा हड़ताल अवधि का वेतन

उदयपुर |

अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत ने मुख्य सचिव को ज्ञापन देकर कर्मचारियों को हड़ताल अवधि का वेतन देने, नो वर्क- नो पे के आदेश को वापस लेने आदि मांग की। प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्य सचिव ने महासंघ को आश्वासन दिया हैं इस पर पुनर्विचार करेंगे।

विडंबना / सरकारी स्कूलों में अभी भी नहीं मनाया जा रहा ‘आनंदवार’ दूसरे व चौथे शनिवार को बच्चों को बिना बैग स्कूल बुलाने की थी याेजना इस योजना के तहत बच्चों में पढ़ाई के साथ शौक को भी बढ़ाने की थी मंशा

जोधपुर।

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए माह के दूसरे और चौथे शनिवार को “आनंदवार’ मनाने की योजना फलीभूत नहीं हो पाई। इसके तहत बच्चों को इन दिनों में बिना बस्ते स्कूल आना था, ताकि उनकी क्रिएटिविटी को बढ़ाया जा सके। राजस्थान सरकार की मंशा तो यह थी कि बच्चों को पढ़ाई बोझ न लगे अौर उन्हें अपनी प्रतिभा को बाहर लाने मौका मिले लेकिन शिक्षा विभाग के अफसरों की उदासीनता और स्कूल मैनेजमेंट की लापरवाही से यह योजना लागू ही नहीं हो सकी।
माह के दूसरे और चौथे शनिवार को भी बच्चों को रोजाना की तरह बैग ले जाना पड़ रहा है। स्कूलों में ना तो क्रिएटिविटी की बात हो रही है और न ही उनकी प्रतिभा को पहचानने की कोशिश की जा रही है। हैरानी की बात तो यह है कि स्कूलों में बरती जा रही उदासीनता पर अफसर भी मौन हैं। शिक्षा विभाग ने यह जानने की कोशिश तक नहीं की कि स्कूलों में आनंदवार मनाया भी जा रहा है या नहीं। इस बारे में जब जिला शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र कुमार जोशी से पूछा गया तो उन्होंने कहा, यह सरकारी आदेश है कि हर स्कूल में दूसरे व चौथे शनिवार को आनंदवार मनाया चाहिए। अगर स्कूलों में कोताही बरती जा रही है जो हम जांच करवा देंगे। आगामी बैठक में सभी स्कूलों से इस बारे में रिपोर्ट भी लेंगे कि वहां अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई है। 
शनिवार को आनंदवार करने के पीछे ध्येय था कि बच्चे पढ़ाई के साथ वाद-विवाद, कहानी सुनाना, कविता पाठ, पहेली सुलझाना, डांस, पेंटिंग, डांसिंग जैसी कई तरह की एक्टिविटीज में शामिल हों। इसके अलावा पौधरोपण, स्वच्छता और समाजसेवा सरीखे गुण भी बच्चों में पैदा करने की मंशा थी। इसके तहत कक्षा पहली से 5वीं, कक्षा 6 से 8वीं और 9 वीं से 12वीं के अलग-अलग ग्रुप बनाने थे, लेकिन कई स्कूलों में एेसे ग्रुप ही नहीं बने। हर ग्रुप में एक-एक प्रभारी और सह प्रभारी की नियुक्ति भी कागजों में की गई।

ओबीसी स्टूडेट्ंस के लिए अच्छी खबर... अब इन्हें भी मिलेगी स्कॉलरशिप केंद्र सरकार ने उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति में ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बढ़ाई आय की सीमा

जयपुर।

अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों के अच्छी खबर। जिनकी विद्यार्थियों के परिवारों की सालाना आय डेढ लाख रुपए है, अब उन्हें भी उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति दी जाएगी। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आय की सीमा में 50 फीसदी तक बढोतरी की है। इस नई आय सीमा का लाभ छात्र-छात्राओं को वर्तमान शैक्षिक सत्र में ही मिल सकेगा। दरअसल, मंत्रालय ने ओबीसी वर्ग की उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति की नई गाइडलाइन जारी की है। यह गाइडलाइन इसी सत्र से प्रभावी होंगी।
गाइडलाइन के संबंध में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को 15-20 दिन पहले ही निर्देश मिले हैं। उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदन पत्र माह के अंत तक भरने शुरू हो जाएंगे। इस साल ओबीसी वर्ग के हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।

नई गाइडलाइन के अनुसार इस डेढ लाख आय सीमा में मकान किराए से होने वाली आय को शामिल नहीं किया जाएगा। वहीं ओबीसी वर्ग के लिए आने वाले कुल बजट में से 30 फीसदी बजट बालिकाओं के लिए व 5 फीसदी बजट नि:शक्तजनों के लिए खर्च किया जा सकेगा। साथ ही विद्यार्थियों से हर साल आय प्रमाण पत्र भी नहीं लिया जाएगा। एक से अधिक वर्ष के कोर्स में केवल दाखिले के समय ही आय प्रमाण पत्र लिया जाएगा। उसी प्रमाण पत्र से आगामी दो-तीन वर्षों (कोर्स पूरा होने तक) छात्रवृत्ति दी जाएगी।

Monday, 1 October 2018

नवनियुक्त कार्मिक की एम्प्लोयी ID कैसे बनाएं

प्रश्न 1.  Sipf पोर्टल पर DDO लॉगिन कैसे करें? 
प्रश्न 2. नवनियुक्त कार्मिक की एम्प्लोयी ID कैसे बनाएं?


उत्तर 1.
इस बार sipf पोर्टल पर DDO लॉगिन करने के पुराने तरीके में पूर्णतया बदलाव कर दिए है।

सर्वप्रथम
https://sso.rajasthan.gov.in/signin
लिंक को ओपन करें।

इस लिंक में SSO ID में अपने DDO की एम्प्लोयी ID भरें।
अपने DDO संस्था प्रधान के sso ID के ही पासवर्ड भरें।
नोट:-अपनी स्कूल के sipf कोड और पासवर्ड नही भरें इसमें संस्था प्रधान के पर्सनल sso ID   में एम्प्लोयी ID और पासवर्ड भरें।

नीचे 6 अंकों का कैप्चा भरें।

लॉगिन करें।

संस्था प्रधान की व्यक्तिगत SSO ID ओपन होगी।

इसमे बहुत जारी योजनाएं जैसी भामाशाह स्वच्छता बीमा योजना,DCE, e-library,DMRD,.......…जैसी बहुत सारी योजनाएं दिखाई देंगी।
इनमे सबसे अंत से दूसरी(सेकंड लास्ट)SIPF पर क्लिक करें।

क्लिक करने परSIPF पोर्टल की नई स्क्रीन नए लुक में दिखाई देगी।यह आपकी व्यक्तिगत sipf पोर्टल हैं

इसमे ऊपर की ओर दाईं तीन टैब दिखाई देंगी।

इसमे बीच वाली टैब या पर क्लिक करने पर आपको दो विकल्प दिखाई देंगे।
पहला Customer का और दूसरा DDO का।
नोट:-आप DDO नही है तो आपके केवल एक ही विकल्प Customer ही दिखाई देगा।
इसमे दूसरी टैब से DDO का विकल्प चुनने पर आपकी स्कूल वाली sipf पोर्टल लॉगिन हो जाएगी।अब आप इससे अपने अधीनस्थ कर्मचारी का SI loan या GPF MATURITY क्लेम को वेरीफाई करके GPF आफिस भेज सकते है।
नोट:- ट्रांसफर या पदोन्नति से स्कूल के DDO बदल गए है तो Sipf पोर्टल पर भी DDO चेंज करना पड़ेगा।

DDO चेंज करने का तरीका।
नये DDO की ऊपर बताई गई विधि सेsso  ID को ओपन करें।
sso ID को ओपन करके sipf पोर्टल को ओपन करें।
sipf पोर्टल से तीसरी टैब को ओपन करें।
ओपन करने पर आपको  पांच विकल्प दिखाई देंगे।
इनमे से आप Add DDO role को पर क्लिक करने पर नई स्क्रीन खुलेगी।
इसमे आप सबसे पहले यूजर ID में अपनी स्कूल की Sipf पोर्टल की यूजर ID और स्कूल के ही पासवर्ड भरें
यूजर ID और पासवर्ड दोनो ही संख्याएं होती है।कैप्चा भरकर ओके कर दें।
अब आप sipf पोर्टल के DDO लॉगिन कर सकते है।


उत्तर 2.
न्यू कार्मिक की EMPLOY ID (कर्मचारी आई डी) बनाने की प्रोसेस
DDO लॉगिन करने के बाद आपको अपनी स्कूल या आफिस का होम पेज दिखाई देगा।
लॉगिन करने के बाद ऊपर की तरफ बाई ओर Emp पर क्लिक करे।

Transaction पर क्लिक करें।
Employee पर क्लिक करें।
Employee नाम की नई स्क्रीन खुलेगी।स्क्रीन के ऊपर
इसमे एक search और add (+)का चिह्न दिखाई देगा।
इनमे कुछ भी नही करना दोनो चिह्न पर।

चिह्न के नीचे आपको Basic Detail का विकल्प दिखाई देगा।उनमे मांगी गई सूचनाएं भरें।
नोट आधार नंबर आपका गलत बात रहा है तो इसे खाली छोड़ दें।

इसके बाद नीचे दिए गए विकल्प निम्न चार विकल्पों में से एक एक को चुनकर एंट्री करें।
Contact Detail
Service Detail
Scheme Detail
Family And Nominne Detail


सर्वप्रथम Contact Detail पर क्लिक करके सूचनाए भरें।
Contact detail की सूचनाएं भरने के बाद

 अगला विकल्प service detail पर क्लिक करें।इसमे भी मांगी गई सूचनाएं भर दें।

अगला विकल्प Scheme Detail की पूर्ति करें।


 Family aur Nominee Detail की सूचनाएं भरें।

अंत  में सभी सूचनाएं भरकर Submit कर दें।

नोट:-Pran Number, Si Number,Gpf Number को खाली छोड़ दें।

Sucessfully Submit होने के 7 से 10 दिन बाद इसे पुनः ओपन करके Employee के सामने बने सर्च के चिह्न पर क्लिक करें।और कार्मिक के नाम का विकल्प को चुने आगे के coloumn में कार्मिक का नाम भरेंगें जिसकी ID बनाई थी।यदि ID बन गई तो आपको ID दिखाई देगी।अन्यथा कुछ समय बाद पुनः चेक कर लें।

नोट:-नवनियुक्त कार्मिक की बनी नई एम्प्लोयी ID Sipf Portal पर सीधा चेक नही कर सकते इसके लिए आप DDO की ID से ही चेक करें।


प्रस्तुतकर्त्ता: चौधरी अर्जुन सिंह
(अध्यापक) खमनोर, राजसमंद

135 दिन बाद एक सितंबर से खुलेंगे स्कूल:9वीं-11वीं की सुबह 7:30 से 12:30 तक लगेगी क्लास, 10वीं-12वीं वालों को 8 बजे से जाना होगा, पेरेंट्स की लिखित में अनुमति जरूरी...

 बीकानेर लेखक: दिलीप सिंह पंवार बीकानेर जिले में 56 और सबसे अधिक बाड़मेर जिले में 113 स्कूलों को क्रमोन्नत किया गया है। - Dainik Bhaskar बीक...